चुनावी वैतरणी
१-छत की मुड़ेरों पर टंगी पताकाएं बताती हैं l
देखो यारों! चुनावी रथ पर मतदान आया है l l विनय कांत l
२- लोकतंत्र के दौर में, चला चुनावी रथ l
नेता कहते वोट दो, पब्लिक कहती भग l l विनय कांत l l
३- पांच साल चूसते रहे, पब्लिक का खून l
जबरिया कहते वोट दो, नहीं देंगे भून l l विनय कांत l l
No comments:
Post a Comment