Wednesday, 20 March 2013

जब समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी केंद्र में   कान्ग्रेस  सरकार  samrthan de deti hai to fir janata in dalon ko kyon chunen.

Monday, 26 December 2011

chunavee vaitaranee

                 चुनावी वैतरणी
१-छत की मुड़ेरों पर टंगी पताकाएं बताती हैं l
  देखो यारों! चुनावी रथ पर मतदान आया है l l विनय कांत l 
२- लोकतंत्र के दौर में, चला चुनावी रथ l 
    नेता कहते वोट दो, पब्लिक कहती भग l l विनय कांत l l 
३- पांच साल चूसते रहे, पब्लिक का खून l 
    जबरिया कहते वोट दो, नहीं देंगे भून l l विनय कांत l l

Sunday, 9 October 2011

rachana kendrit aalochana

आज साहित्य क्षेत्र भी धर्म क्षेत्र ही है.  साहित्य जगत रणक्षेत्र में तब्दील हो चुका है .विमर्शों की भरमार 
है.प्रो. पुरुषोत्तम अग्रवाल ने पाठ केन्द्रित आलोचना पर बल देते हुए  कि आलोचना को रचना से मुखातिब होना चाहिए. जिज्ञासा के बैनर तले उक्त प्रोग्राम में मनोज रूपड़ाऔर प्रभात रंजन की कहानियों पर विस्तार
से चर्चा हुई.मनोज रूपड़ा फैंटेसी शिल्प में लिखने वाले वर्त्तमान  के सबसे बड़े कहानीकार हैं.   

Saturday, 8 October 2011